परिचय: जब समाज के दो सजग अंग मिलते हैं, तो होता है विकास संभव
आज के दौर में जब सामाजिक उत्थान की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन उन पर अमल कम होता है, ऐसे में कुछ संगठन और उद्यम ऐसे भी हैं जो निःस्वार्थ सेवा और सहयोग की मिसाल पेश करते हैं। वल्लभ संकल्प ट्रस्ट और संगम पेपर मॉर्ट की साझेदारी इसी सकारात्मक सोच और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
दिनांक 24 जुलाई 2025 को वल्लभ संकल्प ट्रस्ट द्वारा आयोजित कॉपी वितरण कार्यक्रम में संगम पेपर मॉर्ट का सहयोग न केवल सराहनीय रहा, बल्कि यह एक उदाहरण बन गया कि जब उद्योग और समाज सेवा एक साथ मिलकर कार्य करें, तो समाज में वास्तविक बदलाव संभव होता है।
वल्लभ संकल्प ट्रस्ट – सेवा, शिक्षा और सशक्तिकरण की नींव
वल्लभ संकल्प ट्रस्ट, लखनऊ में कार्यरत एक समाजसेवी संस्था है, जिसकी स्थापना श्रीमती नेहा रस्तोगी जी द्वारा की गई। ट्रस्ट का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण देना है।
ट्रस्ट के दो मुख्य कार्यक्षेत्र:
बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना
महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशलों में दक्ष बनाना
संगम पेपर मॉर्ट – सेवा के साथ व्यापार की नई परिभाषा
संगम पेपर मॉर्ट, लखनऊ स्थित एक अग्रणी स्टेशनरी निर्माता है, जिसकी स्थापना आदरणीय श्री संजीव रस्तोगी जी द्वारा की गई। इस संस्थान ने न केवल व्यावसायिक गुणवत्ता को बरकरार रखा है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाया है।
क्यों विशिष्ट है संगम पेपर मॉर्ट?
स्वदेशी निर्माण प्रक्रिया
उच्च गुणवत्ता वाली कॉपियाँ और स्टेशनरी
समाज सेवा के लिए समर्पण
शिक्षा के लिए विशेष अभियान
कॉपी वितरण कार्यक्रम में संगम पेपर मॉर्ट का योगदान
दिनांक 24 जुलाई 2025 को आयोजित पाठ्य सामग्री वितरण कार्यक्रम वल्लभ संकल्प ट्रस्ट के लिए एक अहम दिन था। इस अवसर पर संगम पेपर मॉर्ट ने गणित, अंग्रेजी, हिंदी और कला विषयों के लिए उच्च गुणवत्ता की कॉपियाँ निःशुल्क प्रदान कीं।
श्री संजीव रस्तोगी जी का प्रेरक योगदान:
संगम पेपर मॉर्ट के प्रणेता श्री संजीव रस्तोगी जी ने स्वयं इस कार्यक्रम में भाग लिया।
उन्होंने अपनी फैक्ट्री में निर्मित सैकड़ों कॉपियाँ ट्रस्ट को भेंट कीं।
उनके इस निःस्वार्थ सहयोग ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
वल्लभ संकल्प ट्रस्ट ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा –
“संजीव जी जैसे सामाजिक विचारधारा रखने वाले उद्यमियों का साथ मिलना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। यह कार्यक्रम उन्हीं के सहयोग से संभव हो सका।”
बच्चों के चेहरों पर मुस्कान – असली सफलता की परिभाषा
जब बच्चों को सुंदर, चमचमाती नई कॉपियाँ मिलीं, तो उनकी आंखों में चमक और चेहरों पर मुस्कान आ गई। शिक्षा के लिए जरूरी साधनों की उपलब्धता ने उनमें नई ऊर्जा, उत्साह और आशा का संचार किया।
कॉपी वितरण का कार्य वरिष्ठ समाजसेवी श्री हरिजीवन जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस समारोह में ट्रस्ट की संस्थापक श्रीमती नेहा रस्तोगी जी, श्री मुदित रस्तोगी जी, श्रीमती पूनम तिवारी, श्रीमती रचना साहू, श्रीमती रश्मि रस्तोगी, श्री प्रमोद रस्तोगी, श्री समीर रस्तोगी, शिक्षिका श्रीमती प्रतिक्षा शुक्ला एवं अनेक अभिभावक उपस्थित रहे।
सामाजिक उत्तरदायित्व में व्यापारिक संस्थाओं की भूमिका
आज का युग केवल Corporate Success का नहीं, बल्कि Corporate Social Responsibility (CSR) का भी है। संगम पेपर मॉर्ट जैसे संस्थान इस सोच को जमीन पर उतारने का कार्य कर रहे हैं।
सामाजिक सहयोग की प्रेरणाएँ:
छोटे-छोटे योगदान बड़े बदलाव ला सकते हैं
शिक्षा के क्षेत्र में निवेश, देश के भविष्य में निवेश है
ट्रस्ट और संस्थानों की साझेदारी से स्थानीय समुदायों का विकास संभव है

